महिला को बंधक बनाकर हुई डकैती का खुलासा, सात आरोपी गिरफ्तार, सोना-नकदी बरामद
भागलपुर/नाथनगर: भागलपुर के मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के गणेशीबाग में एक घर में घुसकर महिला को गनप्वाइंट पर बंधक बनाने और डकैती डालने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने चार दिनों के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के तहत घटना को अंजाम देने वाले तीन मुख्य डकैतों, उन्हें हथियार सप्लाई करने वाले एक आरोपी और लूटे गए सोने के जेवर खरीदने वाले दो स्वर्णकारों (सोनारों) समेत कुल सात अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है।
एसएसपी के मुताबिक, गिरफ्तार अपराधियों के पास से डकैती का 52 ग्राम सोना, 53 हजार रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल किया गया एक कट्टा, कारतूस और छह मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी मधुसूदनपुर क्षेत्र के हैं, जबकि लूटा हुआ सोना खरीदने वाले नाथनगर के रहने वाले हैं। घटना को अंजाम देने के बाद पुलिस से बचने के लिए कुछ बदमाश दूसरे जिलों में और कुछ पश्चिम बंगाल के तारापीठ भाग गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-02 (नाथनगर), अंचल निरीक्षक रंजीत कुमार, मधुसूदनपुर थाना प्रभारी संजय कुमार मंडल और डीआइयू (DIU) की एक विशेष टीम गठित की गई थी। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी अनुसंधान और मानवीय इनपुट के जरिए पुलिस ने जाल बिछाया:
सबसे पहले सोनार गिरफ्तार: मथुरापुर से स्वर्णकार सूरज साह को 11 ग्राम सोने के साथ दबोचा गया। उसकी निशानदेही पर केबी लाल रोड से दूसरे स्वर्णकार संतोष कुमार साह को 41 ग्राम सोने के साथ पकड़ा गया।
हथियार सप्लायर और डकैत दबोचे गए: इसके बाद हथियार देने वाले मिथुन कुमार मंडल और फिर कट्टे-कारतूस के साथ बिट्टू कुमार को गिरफ्तार किया गया।
तारापीठ और बांका से हुई गिरफ्तारी: मुख्य आरोपी सज्जन कुमार को बांका के नवादा से ₹6,000 के साथ, जबकि अजय कुमार उर्फ छोटू (₹31,500 के साथ) और अमित कुमार (₹15,500 के साथ) को पश्चिम बंगाल के तारापीठ से गिरफ्तार किया गया।
क्या था पूरा मामला?
बीती 9 जुलाई की सुबह गणेशीबाग में रहने वाले एक सेना के जवान की पत्नी नीलू देवी अपने घर के बाहर मोबाइल देख रही थीं। इसी दौरान हथियारबंद बदमाशों ने उन्हें बंधक बना लिया और घर में रखे जेवर, नकदी व मोबाइल लूटकर फरार हो गए थे। घटना से पीड़ित महिला इस कदर डर गई थीं कि वारदात के अगले दिन मामला दर्ज कराया गया था।