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परमार्थ निकेतन में 9 से 15 मार्च तक अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का आयोजन

अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में भारत सहित मैक्सिको, नार्वे, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, बेलारूस, बेल्जियम, कनाडा, इक्वाडोर, फ्रांस, आइसलैंड, आयरलैंड, जापान, लेबनान, मेक्सिको, नॉर्वे, पुर्तगाल, रोमेनिया, स्पेन, स्विट्जरलैंड, वेनेजुएला, ऑस्ट्रिया, ब्राजील, क्रोएशिया, डेनमार्क, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका, उरुग्वे आदि अनेक देशों के योग जिज्ञासु का आना शुरू

ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में 9 से 15 मार्च 2025 तक आयोजित होने जा रहा अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव, जो योग की शक्ति और दिव्य अनुभवों से सभी योग जिज्ञासुओं को आकर्षित करेगा। यह आयोजन एक ऐतिहासिक महत्व रखता है क्योंकि विगत 36 वर्षों से हो रहा हैं और सनातन महाकुम्भ के पश्चात यह आयोजन योगियों और साधकों का संगम बनकर भारतीय योग परंपरा की गहरी छाप छोड़ने के लिए तैयार है।

परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में आयोजित होने वाला यह योग महाकुम्भ, योग के समर्पित साधकों के लिए एक अद्भुत अवसर होगा, जहां वे विश्वभर से आए योग विशेषज्ञों, साधकों और जिज्ञासुओं के साथ मिलकर अपनी साधना का अनुभव करेंगे। यह आयोजन न केवल शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देगा, बल्कि यहां आने वाले सभी साधकों को शांति और दिव्यता का अनुभव करायेगा।

योग महोत्सव के दौरान, योग, आयुर्वेद, आहार-विहार, प्राणायाम, गंगा आरती, दिव्य यज्ञ, ध्यान, पूज्य संतों के उपदेश, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य अद्भुत गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। सभी गतिविधियाँ योग और आत्मिक उन्नति की दिशा में एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करेंगी।

योग महोत्सव सभी को योग की शक्ति और उसके अद्भुत लाभों से अवगत कराने का एक आदर्श अवसर है। विशेष रूप से, प्राचीन भारतीय योग विद्या, जो शरीर, मन और आत्मा के सामंजस्य पर आधारित है, वर्तमान समय में समग्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। परमार्थ निकेतन में आयोजित होने वाला यह योग महाकुम्भ विश्वभर से आए योग प्रेमियों को एक साथ जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।

इस दिव्य आयोजन में विशेष रूप से स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, साध्वी भगवती सरस्वती जी एवं अनेक महापुरूषों का सान्निध्य एवं आशीर्वाद प्राप्त होगा, जो योग महोत्सव के दौरान प्रतिदिन योग जिज्ञासुओं को भारतीय संस्कृति व संस्कारों से युक्त उपदेशों के साथ उनकी जिज्ञासाओं का भी मार्गदर्शन करेंगे और जीवन में योग के महत्व पर दिव्य उद्बोधन देंगे।

गंगा आरती और दिव्य यज्ञ के दौरान वातावरण में भक्ति और शांति का अद्भुत समागम होगा, जो योग के साथ मिलकर आत्मा को शुद्ध करेगा। साथ ही इस महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, उत्तराखंड की दिव्य संस्कृति, भारत की विविधता में एकता के दर्शन, संस्कृति और योग की समृद्ध परंपराओं का सुंदर प्रस्तुतिकरण होगा।

योग महोत्सव का मुख्य उद्देश्य यह है कि योग को केवल एक शारीरिक व्यायाम के रूप में न देखा जाए, बल्कि इसे जीवन के हर पहलू में लागू किया जाए। योग, आयुर्वेद, आहार-विहार, ध्यान और प्राचीन भारतीय परंपराओं के माध्यम से हम न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ हो सकते हैं, बल्कि मानसिक शांति और आंतरिक सुख भी प्राप्त कर सकते हैं।

यह आयोजन न केवल योग जिज्ञासुओं के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनेगा, बल्कि एक दिव्य अनुभव का अवसर भी प्रदान करेगा। योग के इस दिव्य महाकुम्भ में सभी का स्वागत है, यहां सभी शांति, समृद्धि और आत्मिक उन्नति की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

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